होटल में रात को मां बेटे की चुदाई

हैलो दोस्तों मेरा नाम सविता है और मैं आपका सब का स्वागत करती हूं इस मां बेटे की सेक्स स्टोरी में यह मेरी पहली और सच्ची कहानी है जो मेरे और मेरे बेटे के बीच हुई इस maa beta sex story में आप पढेंगे कि कैसे मेरे बेटे ने मुझे संभोग के लिये फुसलाया

Mom Ki Chudai Sex Story

मेरी इस कहानी के मुख्य पात्र है मैं सविता मेरा बेटा रोहित मेरी सहेली चंचल और उसका बेटा अनिकेत है अब आते है mom ki chudai sex story पर मेरे घर पर मैं मेरा बेटा रहते है मेरा नाम सविता मेरी उमर 35 साल और मेरा फिगर 34-32-38 है मेरी गांड बहुत बड़ी है और रंग गोरा है

मैं एक सरकारी स्कूल की टीचर हूं और मैं हिंदी सब्जेक्ट पढ़ाती हूं और मैं दिल्ली से हूं मेरे पति की मौत 2019 में सड़क हादसे में हो गई थी मेरे घर में दो रूम है और एक हॉल है हाल में सारा समान रखा हुआ है और एक में कोई रिश्तेदार आये तो उनके लिये है और जो बचा वो मेरा रूम है

मेरे रूम में मेरा बेटा और मैं सोते है आप जान गये होंगे कि मेरे अंदर 6 सालो में कैसे आग लगी होंगी मेरा बेटा रोहित उसकी उम्र है 19 है पर जिन दिनों यह घटना हुई उन दिनों वो 19 का होने वाला था मेरा बेटा मैं जहां पढ़ाती हूं उसी स्कूल में 12 क्लास में पढ़ाई करता है

उसका बदन काफी गोरा और होट है वो हर दिन जिम जाता है उम्र कम है पर देखने में काफी हॉट है मेरे पति की मौत के बाद मेरे बेटे का जन्मदिन मनाने का मौका मिला था और मैं उस दिन को बहुत अच्छी तरह से मनाना चाहती थी

मेरे बेटे का जन्मदिन आने के 2 हफ्ते पहले से मैंने बहुत सारी तमझाम रेडी करी थी और 1 हफ्ते के अंदर मैंने सब कुछ जो जन्मदिन मनाने पर चाहिए होता है वो ले आई अब रहे 1 हफ्ते के भी 2 दिन जा चुके थे और बाकी थे 5 दिन

पहला दिन

मैंने मेरे स्कूल से 9 दिन के लिए छुटिया ले ली थी और मैं बेटे को यह सरप्राइज देना चाहती थी पहले दिन जब बेटा स्कूल से घर आता है तब मैं सब खाना बनाके रेडी हो गई थी

बेटा – मां मां कहां हो तुम मां

मैं – क्या हो गया क्यू चिल्ला रहा है तू

बेटा – मां आप ने मुझे स्कूल भेज के आप क्यू नहीं आई स्कूल में ?

मैं – यह बात है अंदर लेते हुई बेटे को तेरा जन्मदिन आने में कितने दिन बचे है मालूम है तुझे 7 दिन आज का दिन मिलाके

बेटा – अच्छा मां आप इसलिए नहीं आई थी

मैं – हां तेरा जन्मदिन मनाने के लिये तैयारी कर रही थी

इतने में बेटा बहुत खुश हो गया मैं बोली चल खाना खाते है तू आ जा हाथ मुंह धोके रेडी हो जा और मैं अंदर चली गई वो भी कुछी देर में रेडी हो के आ गया शाम के 6 बज चुके थे खाना खाने के बाद हम सोने के लिये कमरे में चले गये

बेटा – मां मेरे जन्मदिन पर किस किस को बुलायेंगे ?

मैं – मैं क्या बोलती बेटे को हमारा कोई रिश्तेदार नजदीक नहीं है तो मैं बोली देख बेटा कोई खास नहीं मेरी कुछ सहेलियां है उनके घर वाले को बुलायाएंगे सब घर वाले मिलाके 25-30 लोग हो जायेंगे इतने ठीक है की नहीं

बेटा – हां मां इतने तो बहुत हो जायेंगे

मैं – ठीक है रात के 9 बज गये है तू सोजा अब और मैं भी सोने जा रही हूं

बेटा – ठीक है मां गुड नाईट

मैं – गुड नाईट बेटा

वो सो गया मेरी आदत थी की मुझे पूरे कपड़े पहनकर सोने की आदत नहीं थी तो मैं अपनी साड़ी और ब्लाउज उतारकर सोने लगी

रात के कुछ 12:30 बजे होंगे तभी मैंने नोटिस किया कोई मेरे पेटीकोट को मेरे बदन से हटाना चाह रहा था मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि सिर्फ 19 साल का मेरा बेटा मेरी पेटीकोट उतारने की कोशिश कर रहा था

वो मेरी ऊपर पहनी हुई टी-शर्ट कों उपर कर रहा था उस दिन मैं यकीन नहीं कर पा रही थी कि 19 साल के लड़के का तकरीबन 7 इंच से जादा लम्बा लंड मेरी गांड कों चूम रहा था

मैं अनजान बनी रही ज्यादा कुछ नहीं हुआ उसके बाद मैं कब सों गई मुझे याद नहीं रहा और सुबह के 5 बज गये और मैं उठ गई

दूसरा दिन

सुबह 5 बजे मैं उठ गई और घर का सारा काम करके नाश्ता बनाया इन सब में सुबह के 8 बज गये थे और मैं बेटे को उठाने गई और उसको नाश्ता के लिये बुलाया और नाश्ता खाते मैं बोली बाज़ार से बचा हुआ समान ले के आना आज का काम है तुम्हारा

बेटा सर हिलाके बोला ठीक है मां

नाश्ता खाने के बाद वो बाज़ार चला गया और मैं बचे हुये काम निपटाने लगी मुझे इसी बीच में मेरे बेटे का इतना लम्बा और मोटा लंड याद आने लगा और मैं कमरे में चली गई

अंदर जा कर दरवाजे को थोड़ा सा लगा दिया और मैं कपड़े खोलके नंगी हो गई और अपनी चूत में उंगली करने लगी 6 साल से मैंने लंड नहीं देखा था तो मैं वही सोच के चूत में उंगली करने लगी और मैं सोचने लगी की बेटे को सरप्राइज दूं तो क्या दूं

तभी मैंने मेरी पुरानी सहेली को फोन किया और पूछने लगी वैसे वो मुझसे काफी खुली हुई है हमारे बीच सबकुछ शेयर होता था वो मुझसे 1 साल बड़ी थी यानि कि वो 36 साल की थी उसका बेटा 20 साल का था

मैं – हैल्लो चंचल कैसी है तू ?

चंचल – अच्छी हूं तू कैसे है बता क्या चल रहा है ?

मैं – मैं भी ठीक हूं यार तुझसे एक काम था यार

चंचल – क्या काम है बता ना ?

मैं – मेरे बेटे रोहित का जन्मदिन आ रहा है सोच रही हूं कि क्या गिफ्ट दूं उसको

चंचल – मेरी कहा मानती है तो तू घूमने ले जा कही

मैं – अकेली कहा ले जाऊं तू भी आजा ना साथ में मिलेंगे बहुत मजे करेंगे क्या बोलती है ?

चंचल – हां यार मुझे भी कुछ घूमने का मन तो था पर

मैं – पर वर कुछ नहीं तू आ रही है हमारे साथ

चंचल – मेरा बेटा भी आयेगा

मैं – तो ले आ ना बेटा एक साथ में एक साथ मज़े करेंगे

चंचल – ठीक है कब जाना है ?

मैं – कल सुबह को चलते है पर कहा जायेंगे ?

चंचल – शिमला चलते है फेमस जगह है

मैं – ठीक है

मैंने कॉल कट किया और सोचने लगी जैसे भी करके बेटे से घुमने जाने से पहले मुझे चुदवाना है और मैंने शाम को मेरे कमरे में ले जाने वाली पानी की बोतल में वियाग्रा डाल दिया और कमरे में ले के चली गई और मैं सो गई

उस दिन मुझें पता था कि मेरा बेटा जैसे भी करके मेरी चुदाई करेगा और मैं सोने का नाटक करने लगी रात के करीब 11 बज गये थे मैं सोई नहीं थी कब बेटा उठेगा और पानी पीने के बाद 6 साल से ना चुदी चूत में कब अपना मोटा लम्बा लंड डालेगा

मैं उस पल का इंतज़ार कर रही थी 11 बजे मेरा बेटा उठा और पानी पीने लगा उसके थोड़ी देर के बाद उसकी तो हरकते ही बदल गई और मैं भी रेडी थी चुदवाने के लिये और उसको 10 मिनट के बाद वायग्रा ने असर करना शुरू किया

वो मेरी तरफ आ गया और पीछे से चिपक गया मैं अंजान बनके सोने का नाटक करने लगी वो थोड़ा सा मेरे पेटीकोट को ऊपर करने लगा और मेरी टी-शर्ट को भी ऊपर करने लगा मैंने उसमें उसका साथ दिया

थोड़ी ही देर में उसने मुझे नीचे से पूरी नंगी कर दिया और मैं उसका साथ दे रही थी और मज़े ले रही थी थोड़ी देर में उसने चूत पे हाथ फेरना शुरू किया क्या बताऊ क्या मज़ा आ रहा था मेरा बेटा मेरे नीचे आ गया और मेरी चूत को चाटने लगा

उसने करीब 10 मिनट तक चूत चाटने के बाद मेरे मम्मों को दबाने लगा मुझे मज़ा आने लगा था और मैं उसका पुरा साथ दे रही थी और बेटे ने कुछ ही पल में मुझे इतना गरम कर दिया कि क्या ही बताऊं आपको

उसने 5 मिनट मम्में दबाने के बाद मेरी चूत के अंदर अपना मोटा लम्बा लंड घुसेड़ दिया और उसका जोश आधे घंटे से ज्यादा चला मुझे इतना सुख मेरे पति ने भी नहीं दिया था जो मेरे बेटे ने दिया

करीब 30 मिनट के बाद वायग्रा का जोश कम हो गया होगा उसने सारा गरम गरम वीर्य अपनी मां की चूत में डाल दिया और मुझे एकदम शांत कर दिया

मैं गहरी नींद में होने का नाटक कर रही थीं क्यूकि मुझे देख बेटा शरमा जाता और इस रात को तो मैं क्या ही बोलू मुझे तो मज़ा ही आ गया और बाद में मैं सो गई उसके बाद बेटा तो सोने ही वाला था

सुबह के 6 बजे मैं उठी तो मुझे लगा के जैसे कोई मेरी जबरदस्ती ठुकाई करके गया हो इतना बुरा हाल हो गया था

तीसरा दिन

मैं – बेटा सुबह के 8 बज गये उठो जल्दी तैयार हो जाओ खाना खाने आ जाओ मैंने उसको सुबह नहीं उठाया क्यू की उसकी हालत बहुत खराब हो गई थी रात को

बेटा – ठीक है मां

मैं – बेटा तेरे लिए एक सरप्राइज है आज हम शिमला के लिये निकल रहे है तू मैं चंचल आंटी और उनका बेटा

बेटा – सच मां थैंक यू मां

मैं – वेल्कम बेटा

चलो खाना खाके सारे कपड़े 4 दिन के लिये पैक करो मैंने सोचा है की आज से तुम्हारा जन्मदिन आने में सिर्फ 4 दिन बचे है और एक दिन ज्यादा रह लेंगे

बेटा – ओके मां मां सोरी

मैं – क्यू सोरी

बेटा – वो कल की बात से

मैं – मैं अंदर बहुत खुश थी पर दिखावा करके गुस्से में चली गई कुछ बोली भी नहीं

मैंने उसके बाद चंचल से बात की क्या तैयारी है कितने बजे जाना है

चंचल – 11 तो बज चुके है तेरी कार में जगा होगी की नहीं ?

मैं – हो जाएगी पर इतने लंबे टूर पे कैसे चलेंगे

चंचल – हम लोग 2 दिन करके चलेंगे आज शाम को 5 बजे चलेंगे तो रात को 9-10 बजे रास्ते में किसी होटल में पहुंचेंगे आ जाओ अब तुम लोग मैं रेडी हूं

मैं – ठीक है हम आ रहे है

मैंने बेटे को बोला जल्दी से आ जाओ चलना है उधर आंटी रेडी हो गई मुझे पता था बेटे की सुई उसी बात पर अटकी थी हम सब लोग मिल गये और गाड़ी में बैठ गये पीछे वो मां बेटा और आगे मैं और मेरा बेटा रात के करीब 11 बजे हम हमारे होटल पहुंचे

हमने 2 कमरे बुक किया थे क्युकि एक ही कमरे में हम चारों आते नहीं क्योंकि कमरे बड़े नहीं थे और होटल जाते ही हमने खाना खाया और कमरे में चले गए मैंने चंचल और उसके बेटे को गुड नाईट बोल दिया और अपने कमरे में चली गई और नींद बहुत आ रही थी

तो मैं जल्दी सो गई और बेटा भी बगल में आके सो गया और मैं 3 बजे तक आराम से सोई और मुझे कुछ आवाज सुनाई दी तो मैं उठ गई उधर के कमरे की दीवार लकड़ी की थी तो आवाज सुनाई देती थी

लकड़ी की होने के वजह से अगल बगल लाइट ओंन हो तो सबकुछ दिखता था और जैसे ही मैंने देखा मुझे तो यकीन नहीं हो रहा था चंचल अपने बेटे का लंड मुंह ले रही थी और उसका बेटा उसको रंडी की तरह उसका मुंह चोद रहा था

उसके बाद उसने अपनी मां को घोड़ी बनाया और पीछे से जोर जोर से किसी हट्टे कट्टे मर्द की तरह पेल रहा था चंचल ने मुझे कभी बताया नहीं के वो अपने बेटे से चुदती है

तभी मुझे एक आइडिया आया की मैं मेरे बेटे को जन्मदिन पर इसकी चूत दूंगी तभी मैंने जल्दी से उसकी वीडियो बना ली उन दोनो की और कुछ देर में उसने अपनी मां की चूत के अंदर गरम गरम वीर्य छोड़ दिया मैं थोड़ी गरम हुई पर कुछ नहीं किया और सो गई

चौथा दिन

सुबह हो गई और सब उठ गये मैं रेडी हो गई और नाश्ता करके होटल से निकले होटल से निकलते ही हम ने रास्ता पकड़ लिया और रास्ते में मैंने कुछ अच्छे जगह पर गाड़ी रोक दी और हम थोड़ा मज़ा करने लगे कुदरत के साथ

मैं और चंचल एक दूसरे से बात करने लगे हमारे बेटे हम से थोड़ी दूरी पर थे मैंने चंचल से पूछा

मैं – चंचल आज कल तेरी सेक्स लाइफ कैसे चल रही है ?

चंचल – क्या चलेगा यार पति नहीं है हाथ से काम चलाती हूं

मैं – अच्छा थोड़ी ना समझ बन कर तो तुझे आज कल मर्द की जरूरत नहीं है ?

चंचल – नहीं ऐसा नहीं है की मुझे कोई मर्द नहीं चाहिये बस नहीं मिलते कोई अच्छे से जिनपे यकीन कर सकूं

मैं – अगर तेरे लिये मैंने जुगाड़ कर दूं तो तू चुदवायेगी की नहीं ?

चंचल – हां पक्का क्यू नहीं चुदवाउंगी

मैं – ठीक है तो कल शाम को रेडी होना एक मर्द से चुदने के लिये

चंचल – मैं हमेशा तैयार हूं यार

मैं – चल कल शाम को देखते है

चंचल – ठीक है

हम कार की जगह चले गये और बेटों को अंदर बैठा के शिमला के काफी नजदीक पहुंच गए अब रात के 8 बज चुके थे तब जाके हम शिमला पहुंचे और शाम को गाड़ी पार्क की और समान कमरे में ले के गये

कमरा ऐसा था की एक बड़े से कमरे में बीच से एक बड़ा सा अल्मीनियम का दीवार बनाया हुआ था जिनके ऊपर के हिस्से पूरे खुले थे हम एक ही दरवाजे से अंदर आते थे पर बैडरूम अलग अलग थे

शाम को सबकुछ करके सोने गए तो मेरा बेटा तो थका हुआ था जल्दी सो गया उधर जब मेरा बेटा सोया तब उनकी चुदाई चालू हो गई करीबन 11:45 पर उनकी चुदाई जबरदस्त चल रही थी

अपनी मां की चूत का पानी निकाल रहा था चंचल का बेटा और मैं गरम हो गई थी उनकी सिसकारी की अवाज मेरे कानो तक पहुंच रही थी और मैं बहुत गरम हो रही थी

मैंने उनकी चुदाई शुरू होने से लेके अंत तक सबर की और जब वो लोग सो गये तब मैंने बेटा को आइडिया से उठाया सर्दी का मौसम था तो मैंने पूरा कम्बल अपने तरफ खींचा ताकि बेटा उठ जाये उस दिन मैंने बहुत सेक्सी पैंटी और ब्रा पहनी थी

मेरे प्लान के मुताबिक मेरा बेटा 4 से 5 मिनट के अंदर उठ गया उस दिन जो कुछ भी हो जाये बेटे से कस के चुदाने का मन था थोड़ी देर बाद बेटे ने अपना काम शुरू करना चालू किया मैंने उसको सीधे पकड़ लिया और उसको जबरदस्त किस करने लगी

उसके होंठ पर मेरे होंठ को मिलाकर एक 6 साल से चुदाई ना हुई विधवा ने एक मर्द पाया था तो थोड़ी जाने देती 5 मिनट के किस के बाद उसके मुंह को सीधा अपनी चूत में लगा ली और मेरे मुंह से शीइईई आह्ह्ह बेटा जल्दी उफ्फफ आह्ह्ह की सिसकारी निकलने लगी

5 मिनट तक चूत चटाई और मैं घुटनो के बल बैठ के बेटे के 7 इंच लंबे लंड को अपने मुंह में लेने लगी बेटा ऐसे चोद रहा था की कोई रंडी को 1500 देकर ले आया हो उसने मेरे मुंह में इतना बढ़िया चुदाई किया की क्या ही बोलू मैं

5 मिनट उसका लंड मुंह में लेने के बाद उसने मेरी इतनी जोरदार चुदाई की के कोई घोड़ा घोड़ी को चोद रहा हो बेटे के मुंह से निकले शब्द जैसे की मेरी घोड़ी रंडी मां तेरी चूत कितनी बढ़िया है

मेरी रंडी मां इस तरह के शब्दों ने मुझे और गरम कर दिया बेटे ने 15 मिनट तक चोदने के बाद बोला

बेटा – मां मैं झड़ने वाला हूं

मैं – तेरी मां की चूत के अंदर ही सारा वीर्य झाड़ना बेटा

बेटा – ठीक है मेरी रंडी कुत्तियां तेरी चूत में मेरा सारा वीर्य जाएगा देख लेना मेरी रंडी

उसके बाद बेटे ने सारा बीर्य मेरी चूत के अंदर झाड़ दिया और हम दोनो शांत होके सो गये उसके बाद मैंने अपनी सहेली की अपने बेटे से चुदाई करवाने का मन बदल लिया क्योंकि अब सिर्फ मेरे बेटे के लंड पर मेरा हक है कैसी लगी आपको mom ki chudai sex story मुझे जरूर बताना

Hindi Sex Story Mom :- मां गरम होकर चुदवाने लगी

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