मां को नंगी देखा – 2

Hindi Sex Story Maa

(मां को नंगी देखा 2)

आप ने पिछले hindi sex story maa के भाग में पढ़ा मेरे खयाल से मां ने पसीने की गंध को दूर करने के लिए परफ्यूम यूज़ किया होगा वो खुशबू मां की जांघों के ऊपरी हिस्से पर नाक लगाने से आ रही थी मैं कुछ देर तक बैठे हुए उस खुशबू को सूंघता रहा अब hindi sex story maa में आगे पढ़े

अब मुझे मां के साथ संभोग करने की तीव्र इच्छा होने लगी लेकिन आश्चर्यजनक रूप से मुझे इसमे गंदा या गलत कुछ भी महसूस नही हो रहा था वो मेरे लिए अब भी पूजनीय मां थी

वहीं फर्श पर बैठे हुए ही मुझे नींद आ गई पता नही कैसे जब मेरी नींद खुली तो मैंने देखा की मां अब सीधी लेटी हुई सो रही थी उसकी टाँगे अभी भी पूरी ऊपर तक खुली हुई थी रज़ाई उसने पूरी एक तरफ को फेंक दी थी मैं खड़ा हुआ और कुछ देर तक मां को देखता रहा फिर बेड में सोने के लिए लेट गया

लेकिन नींद नही आ रही थी मैं सोचने लगा जब हम घर पहुंच जायेंगे तो घर पर परिवार के सभी लोग होंगे और मुझे मां के साथ अकेले रहने का मौका नही मिलेगा और मां को ऐसे सोए देखना तो दुर्लभ ही हो जाएगा

मैं सोचने लगा कुछ दिन और घर से दूर कैसे रहा जाए एक ख़याल मन में आया की खराब मौसम का सहारा लेकर वापसी यात्रा को थोड़ा लंबे रास्ते से ले जाऊं जिससे कुछ और रात मुझे मां के साथ होटेल में काटने को मिले यही सब सोचते हुए मैं सो गया

सुबह जब नींद खुली तो मां साड़ी पहन रही थी लाल रंग के बॉर्डर वाली सफेद सिल्क की साड़ी में मां अच्छी लग रही थी मेरी नज़र उसके ब्लाउज पर पड़ी ब्लाउज के अंदर उसकी बड़ी चूचियों का शेप दिख रहा था जब तक वो साड़ी पहनते रही मैं ध्यान से उसे देखता रहा फिर मैं उठ गया और जाने को तैयार होने लगा

होटेल वालों ने कार से हमें एयरपोर्ट पहुंचा दिया वहां पता चला की हमारी जेट एयरवेज की फ्लाइट कैंसिल हो गई है हमने जेट के स्टाफ से किसी और फ्लाइट में सीट देने के लिए पूछा तो उन्होने मना कर दिया मैंने पिताजी को फोन किया तो उन्होने कहा की टिकट का रिफंड ले लो और जब मौसम खुल जाए तो फ्लाइट ले लेना

मैंने बाकी एयरलाइन्स के काउंटर पर भी पूछताछ की इस सब में 6 pm हो गया और हम बुरी तरह से थक चुके थे इंडियन एयरलाइन के काउंटर पर एक अधेड़ उमर की लेडी ने मुझे 3 दिन बाद का टिकट लेने को कहा

इससे पहले जो फ्लाइट्स जाएंगी उनमे पैसेंजर्स की भीड़ देखते हुए टिकट मिलना मुश्किल होगा या फिर रोज़ रोज़ एयरपोर्ट आकर पता करो मैंने उस लेडी की बात मान ली और उसने हमें 3 दिन बाद के टिकट दिए वो भी वेटलिस्टिंग में लेकिन उसने कहा की सीट्स मिल जाएंगी तब तक

मैंने मां को ये बात बताई तो उसका चेहरा लटक गया मैंने उसे दिलासा दी अम्मा हम कोई जंगल में बिना खाना और पानी के भटक थोड़ी गए हैं बंगलोर इतना बड़ा शहर है हम आराम से कुछ दिन यहां गुजार सकते हैं

मां चेयर से उठी और कहने लगी सुबह से वेट करते करते मेरी कमर दर्द हो गई है पूरा दिन एयरपोर्ट में बैठे हुए वो थक गई थी और मैं तो एक काउंटर से दूसरे काउंटर दौड़ने में ही था

मां ने कहा होटेल में अब रूम खाली है की नही पता तो करो मैंने होटेल फोन किया की हम वापस आ रहे हैं तो उन्होने कहा की हमारी एक कार एयरपोर्ट पर किसी गेस्ट को छोड़ने गई हुई है उसके ड्राइवर से हम आपको होटेल वापस लाने को कह देते हैं

जब हम अपने रूम में पहुंचे तो 9 pm हो चुका था सुबह से रात तक हम दोनो एयरपोर्ट में चक्कर लगाकर थक चुके थे नहाने के बाद मैंने मां से कहा मैं अभी थोड़ी देर में आता हूं मां मुस्कुरायी और बोली ठीक है लेकिन ज़्यादा मत पीना हां मैंने कहा हां मां नही पियूंगा और रूम से बाहर आ गया

बार में आने के बाद मैं ड्रिंक करने लगा अब मुझे मां के साथ 3 दिन होटेल में बिताने थे ड्रिंक करते हुए मैं सोचने लगा मैं मां के साथ संभोग करने की अपनी इच्छा कैसे पूरी करुं लेकिन कोई तरीका नही सूझ रहा था थोड़ी देर बाद मैं वापस रूम में आ गया

मां बेड में लेटकर टीवी देख रही थी उसने एक स्लीवलेस नाईटी पहनी हुई थी जो उसके घुटनो तक उठी हुई थी मैं मां के सामने सोफे पर बैठ गया फिर मैंने डिनर का ऑर्डर दे दिया मां टीवी देख रही थी और मैं चुपचाप मां की सुंदरता को निहार रहा था

जैसे ही डोर बेल बजी तो मैं दरवाजा खोलने को उठा अचानक मां बेड से उठी और बाथरूम में चली गई जब वेटर डिनर देकर चला गया तो मैंने मां को आवाज़ दी जब मां बाथरूम से बाहर आई तो मुझे एहसास हुआ की मां वेटर के सामने रूम में क्यूं नही रही

जैसे ही डोर बेल बजी तो मैं दरवाजा खोलने को उठा अचानक मां बेड से उठी और बाथरूम में चली गई जब वेटर डिनर देकर चला गया तो मैंने मां को आवाज़ दी जब मां बाथरूम से बाहर आई तो मुझे एहसास हुआ की मां वेटर के सामने रूम में क्यूं नही रही

उसने जो नाईटी पहनी थी वो उसके घुटनो से कुछ ही इंच नीचे तक थी और बड़े गोल गले वाली स्लीवलेस थी उसने ब्रा पहनी हुई थी और उस बड़े गोल गले से क्लीवेज दिख रही थी नये जमाने की औरतों के लिए तो ये कुछ भी नही था पर अम्मा शायद दूसरे आदमियों के सामने इस नाईटी में असहज महसूस कर रही थी तभी वो वेटर के अंदर आने से पहले बाथरूम चली गई

मां ने बाथरूम से आकर मुझे अपनी नाईटी को देखते हुए पाया तो वो बोली बाकी सब गंदी हो गई हैं यही बची है कल लांड्री के लिए कपड़े देने होंगे

मैंने कहा कोई बात नही मां ठीक तो है

डिनर करने के बाद मैंने बाथरूम जाकर बेड में लेटने के लिए बरमूडा पहन लिया बाथरूम से आकर मैंने देखा मां ने ब्रा उतार दी है और धोने के कपड़ो के ढेर में उसे रख रही है मैं जब उसके पास खड़ा हुआ तो उसके बड़े गले के अंदर झांकने पर चूचियां साफ दिख रही थी वास्तव में मां के लिए वो नाईटी सही नही थी

तभी अम्मा बोली सुरेश तुम्हारे पास कोई पेनकिलर है तो दो एयरपोर्ट में दिन भर कुर्सी में बैठने से मेरी कमर दर्द कर रही है

मैंने डाइक्लोफिनेक पानी के साथ मां को दी फिर मैंने पूछा मां चाय पियोगी ?

उसने मना कर दिया तो मैंने अपने लिए चाय ली और बेड में बैठकर पीने लगा और फिर हम सो गए

लगभग 10 मिनिट बाद वो बोली सुरेश बेटा कमर दर्द से मुझे नींद नही आ रही है मेरी कमर और पैरो में मालिश कर दोगे ?

मैंने कहा ठीक है मां

फिर मैंने बेड लैंप को स्विच ऑन कर दिया और मां के पैरों के पास आ गया मां बायीं करवट लेकर मेरी बेड की तरफ लेटी हुई थी उसकी छोटी नाईटी घुटनो तक खिसक गई थी और बड़े गले से चूचियों का ऊपरी भाग बाहर निकला हुआ था बेड लैंप की रोशनी अम्मा के ऊपर पड़ रही थी और फिर से मुझे अम्मा के साथ संभोग की इच्छा होने लगी

जब मैं उसके पैरों के पास बैठा तो वो पीठ के बल सीधी होकर लेट गई मैंने उसका पैर अपनी गोद में रख लिया और उसकी मालिश करने लगा

थोड़ी देर ऐसे ही पैरों की मालिश के बाद मां को आराम महसूस हुआ वो बोली सुरेश बेटा भगवान तुमको मेरी बाकी बची उमर दे दे तुम्हारे जैसा सेवा करने वाला बेटा मिला है मैं और तुम्हारे पिताजी भाग्यशाली हैं

कोई और समय होता तो मां का आशीर्वाद सुनकर मैं भावुक हो जाता पर इस समय वासना मुझ पर हावी थी मैं कुछ नही बोला चुपचाप पैरों की मालिश करता रहा

कुछ देर बाद मैंने अम्मा से घुटने मोड़ने को कहा मां ने जब घुटने मोड़े तो अब उसके पैर उल्टा V की शेप में थे जिससे नाईटी घुटनो से नीचे को जांघों की तरफ खिसक गई थी ये नज़ारा देखकर मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा मैं उसकी टांगों के पिछले भाग की मालिश करने लगा

मां अभी भी हल्की आवाज़ में आशीर्वाद देती जा रही थी हालांकि उसकी आवाज़ इतनी धीमी थी की शब्द सुनाई नही दे रहे थे शायद मेडिसिन और मालिश के असर से वो मुंह ही मुंह में बुदबुदा रही थी फिर मैं थोड़ा सा खिसका और घुटने से नीचे को उसकी दायीं जांघ की मालिश करने लगा जब मेरा हाथ उसकी नाईटी तक पहुंचा तो मैं रुक गया

मैं नाईटी को ऊपर करके और ऊपर तक जांघ की मालिश करना चाह रहा था पर इतनी हिम्मत मुझमे नही थी की उसकी नाईटी ऊपर कर दूं तो मैं घुटने से आधी जांघ तक मालिश करने लगा कुछ देर तक मैं ऐसे ही पंजो से घुटने तक और घुटने से आधी जांघ तक मालिश करते रहा

फिर कुछ ऐसा हुआ जिसकी मुझे उम्मीद नही थी मां ने कहा भगवान सबको तुम्हारे जैसा बेटा दे और अपना बायां पैर सीधा कर दिया अब उसका बायां पैर सीधा था और दायां पैर घुटने से मुड़ा हुआ खड़ा था इससे मुझे उसकी जांघों के जोड़ तक दिखने लगा अब मेरी धड़कने बहुत बढ़ गई

मैंने जांघों के बिल्कुल ऊपरी हिस्से तक मालिश करना शुरू कर दिया जिससे नाईटी और ऊपर खिसक गई मैं मालिश करते हुए मां की मांसल जांघों पर ऊपर तक हाथ फिराने लगा फिर ऐसे ही मैंने बायीं जांघ की भी मालिश की

लगभग 15 मिनिट बाद मां बोली सुरेश अब मेरी कमर की मालिश कर दो और वो घूमकर पेट के बल लेट गई

अब जो नज़ारा मेरे सामने था उसे देखकर मैं दंग रह गया जब मां उल्टा लेटी तो उसकी नाईटी उसके और ऊपर खिसक गई उसके पैर पूरे नंगे थे और जहां से नितंब शुरू होते हैं उससे थोड़ा ऊपर तक सब खुला था अब मैं मां के ऊपर से आंखे हटा ही नही पा रहा था

उसकी गोरी जांघें और नितंबों का निचला हिस्सा मेरी आंखों के सामने था नितंबों के बीच की दरार के निचले हिस्से से मां की चूत का कुछ भाग भी दिख रहा था थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही देखता रहा

फिर मुझे होश आया मैंने सोचा खाली देखने से क्या होगा मुझे कुछ करना होगा लेकिन किस्मत कितनी देर तक मेरा साथ देगी 34 वर्ष की उमर में मां के साथ एक गलत हरकत और जिंदगी भर के लिए मैं श्रापित हो जाता मेरी जिंदगी दांव पर लगी थी लेकिन मैं उस मोड़ पर पहुच चुका था जहां पर मेरी इच्छाओं ने मुझे वश में कर लिया और मैंने अपने को दांव पर लगा दिया

बिना ज़्यादा सोचते हुए मैं मां की जांघों के दोनो तरफ पैर रखकर उसकी कमर और पीठ को उंगलियों से दबाने लगा अंगूठे और उंगलियों से कमर को दबाकर मालिश करने से उसकी नाईटी थोड़ा थोड़ा करके और ऊपर होने लगी और कुछ देर बाद अम्मा के बड़े बड़े गोरे नितंब आधे नंगे हो गए

मैं उसकी पीठ और कमर को उंगलियों और अंगूठे से दबाकर मालिश करता रहा पर मैंने उसके खुले हुए नितंबों को नही छुआ अब मेरा लंड पूरा मस्त होकर तन चुका था और बरमूडा के कोने से सुपाड़ा बाहर झांक रहा था मैं अम्मा के नितंबों की तरफ थोड़ा ऊपर खिसकर पीठ की मालिश करने लगा

मैं अपनी तरफ से पूरी सावधानी बरत रहा था और अच्छी मालिश कर रहा था ताकि मां को आराम महसूस हो क्या पता आगे क्या होने वाला था ?

धीरे धीरे मैंने मां की नाईटी कमर तक खिसका दी अब मां के विशाल नितंब पूरे नंगे थे फिर मैंने हिम्मत करके नाईटी के अंदर हाथ डालकर उसकी कमर और पीठ के निचले हिस्से पर हाथ फिराते हुए मालिश शुरू कर दी मैं आगे झुक के मालिश कर रहा था और मेरा लंड मां के नंगे नितंबों पर फिसल रहा था अब मैं बहुत उत्तेजित हो गया था संभोग की मेरी इच्छा तीव्र हो चुकी थी

अब मेरा धैर्य जवाब देने लगा था मैंने हाथ कमर से नीचे उसके नितंबों पर भी फेरने शुरू कर दिए फिर मैं रीड की हड्डी पर मालिश करते हुए मां के कंधों की मालिश करने लगा मां की बड़ी चूचियां उसके शरीर से दबी हुई थी और साइड्स से कुछ हिस्सा दोनो तरफ निकला हुआ था

साइड्स पर हाथ फिराते हुए मैंने उन पर भी हाथ फेर दिया मां ने हल्के से ऊऊऊओ आह्ह्ह की आवाज़ निकाली मैं घबरा गया और जल्दी से हाथ हटाकर उसके कंधों की मालिश करने लगा तभी मेरा लंड फिसलकर मां के नितंबों के बीच दरार में चला गया लंड से प्री-कम निकल रहा था और वो मां के विशाल नितंबों के बीच घुस गया

मुझे बहुत उत्तेजना हो रही थी और मेरे लंड के मां के नितंबों के बीच घुसने से बहुत आनंद महसूस हो रहा था दवाई और मालिश का असर उस पर हुआ था लेकिन मेरे ख़याल से अब मां को भी पता चल चुका था लेकिन शायद वो शॉक और शर्म से कुछ बोल नही पाई अपने नितंबों के बीच अपने बेटे का लंड महसूस करके वो हैरान रह गई होगी

लेकिन मैं अब सारी सीमाएं लांघ चुका था मुझे बहुत ही अच्छा महसूस हो रहा था मैं अपने लंड को मां के नितंबों के अंदर रगड़ने लगा मुझे लगा अब मेरा वीर्य निकल जाएगा

वासना पूरी तरह मुझ पर हावी हो चुकी थी मेरा पूरा ध्यान सिर्फ़ अम्मा के साथ संभोग पर था मैंने अपना बरमूडा नीचे खिसका दिया और मां की नाईटी उसकी गर्दन तक ऊपर खींच दी अब अम्मा पीछे से पूरी नंगी थी मैं मां के ऊपर लेट गया

मैं मां की गर्दन को चूमने लगा उसकी बांहों को चूमा और साइड से उसकी चूचियों को मलने लगा मैंने अपने लंड को पकड़ा और नितंबों के बीच और अंदर घुसाने की कोशिश की मुझे एक छेद में अपना लंड घुसता महसूस हुआ मैंने थोड़ा और ज़ोर लगाया लेकिन फिर मुझे महसूस हुआ वो मां की चूत का छेद नही बल्कि उसकी गांड का छेद था लेकिन मैं कोई परवाह ना करते हुए अंदर घुसाने को ज़ोर लगाने लगा

तभी मां का बदन कांपा और वो आश्चर्य भरे स्वर में चिल्लाई आइईई मां सुरेशशशश ये क्या मां पलटने की कोशिश करने लगी मैं अपने हाथों पर उठ गया और उसे मेरे नीचे सीधा हो जाने दिया जैसे ही वो सीधी हुई मैं फिर से उसके ऊपर लेट गया मां ने मुझे देखा उसकी आंखों में अविश्वास और शॉक के भाव थे

मेरे हाथ मां की चूचियों पर थे और मेरा लंड उसकी चूत के ऊपर था मैं मां की चूचियां दबाने लगा और मुझे लगा की मेरा वीर्य निकलने वाला है तो मैं उसकी चूचियों को पकड़े हुए अपने नितंब उठाकर मां के ऊपर धक्के मारने लगा लंड चूत के अंदर नही गया था मैं खाली ड्राइ हमपिंग कर रहा था कुछ ही धक्कों में मेरे लंड से इतने दिनों का जमा किया हुआ वीर्य निकलकर मां की नाभि के पास पेट में गिरने लगा

मां ने मेरा वीर्य अपने पेट पर गिरते महसूस किया उसने अपनी आंखे बंद करके एक गहरी सांस ली और बोली ये क्या किया तुमने

मुझे इतना तेज ओर्गास्म आया की कुछ पल के लिए मुझे होश ही नही रहा मैं मां की चूचियों के बीच मुंह घुसाए लेटा रहा जब मुझे होश आया तो मैं शर्माया और घबराया हुआ था मुझे समझ नही आया अब कैसे रियेक्ट करूं

बाकी कहानी अगले भाग में

New Hindi Sex Story Maa :- मां को नंगी देखा – 3

Leave a Comment