हैलो दोस्तों कैसे हो आप मेरे पड़ोस में हमारे काफी रिश्तेदार हैं उनमें एक लड़की थी जो मेरी ही उम्र की थी और मेरी रिश्ते में बुआ लगती थी आप इस bua ki chudai sex story में पढ़ेगे कैसे मैंने उसकी खेत में चुदाई कर दी अब मैं अपनी bua sex story शुरू करता हूं
Bua Ki Chudai Sex Story
ये मेरी bua sex story पहली सेक्स कहानी है बुआ की खेत में चुदाई की इसलिये हो सकता है कि मुझसे लिखने में कोई गलती हो जाये आप मेरी गलती को नजर अंदाज कर देना अब मैं अपनी bua sex story शुरू करता हूं
मेरा नाम राज है और मेरी उम्र 19 की हुई है मैं छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूं मेरी किराने की दुकान है
ये बात कुछ महीने पुरानी है मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती थी उसका नाम आरती था उसकी उम्र 19-20 साल की थी वो दूर के रिश्ते में मेरी बुआ लगती थी वो मुझसे बहुत मजाक करती थी
एक दिन मैं अपनी पढ़ाई कर रहा था वो मेरे घर पर आयी और मेरे सामने वाली दीवार के पास आकर खड़ी हो गयी आरती दीवार के पास से मुझे देखने लगी
दूसरे दिन वो मेरी दुकान पर आयी और उसने मुझसे नमकीन मांगा मैं उसे नमकीन देने लगा तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मजाक करने लगी
मैंने सोचा कि इसके दिमाग में कुछ तो चल रहा है मैं दुकान पर बैठ गया और सोचने लगा कि कहीं ये मुझसे चुदवाना तो नहीं चाहती है ये सोचते ही मेरी सोच बदल गयी और मेरा लंड खड़ा हो गया
कुछ दिन तक उससे होने वाले हंसी मजाक को मैं अब दूसरे नजरिए से देखने लगा और जब मुझे लगा कि हां इसके दिमाग में कुछ चल रहा है तब मैंने उसे एक लव लेटर लिख कर दे दिया
जिस समय मैंने उसे लव लेटर दिया उस समय वो मुस्कुराई मुझे लगा कि ये राजी है पर पता नहीं क्यों उसने उसका जवाब नहीं दिया और ना ही मुझसे दो तीन दिन तक मिली
इससे मुझे कुछ घबराहट होने लगी कि कहीं मैंने गलत समझ कर तो उसे लव लेटर दे दिया उस दिन काफी देर तक मुझे नींद ही नहीं आयी मैं उसके साथ हुये हर हंसी मजाक को फिर से अपने दिमाग में ध्यान करते हुये आकलन करने लगा
उसके हाथ से स्पर्श करना और कभी धीरे से अपने अंगूठे से मेरी हथेली को कुरेद देना ये सब ऐसी बाते थीं जिससे मुझे उसकी चाहत समझ आ रही थी और उसी वजह से मैंने उसे चिट्ठी लिखी थी फिर जैसे तैसे मैं सो गया
दूसरे दिन मैं अपनी दुकान पर बैठा था कि उसके चाचा की बेटी सीमा मेरे दुकान में आयी सीमा और आरती दोनों की ही उम्र बराबर सी ही थी
सीमा ने मेरी दुकान में आकर मुझे एक कागज दिया और कहा- ये सब क्या है? तुमने आरती को लेटर कैसे दिया? मैं उसके पापा से तुम्हारी शिकायत करूंगी
उसकी बात सुनकर मेरी तो गांड फट कर हाथ में आ गयी मैं एकदम से बुत बना उसकी डांट सुनता रहा मैं उससे अपनी गलती भी नहीं मना पाया वो पैर पटकते हुये चली गयी
फिर तीन दिन बाद की बात है मैं अपने घर के पास खड़ा था कि मेरी चाची की लड़की यानि मेरी चचेरी बहन आयी और उसने मुझे एक लेटर दिया
मैंने उससे पूछा- ये क्या है?
उसने कहा- जो तुमने आरती को दिया था
मैंने उससे वो लेने से मना कर दिया पर वो मुझे जबरदस्ती दे कर चली गयी
एक मिनट के लिये तो मैं फिर से डर गया था मगर बाद में मेरा दिल नहीं माना तो मैंने उसे खोल कर देखा
उसे पढ़ कर मेरा दिमाग घूम गया वो लेटर मुझे सीमा ने लिखा था कि मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं
मैंने सीमा का लेटर देखा तो मेरी खोपड़ी घूम गयी वैसे तो एक लड़की की चिट्ठी देख कर किसी भी लड़के का दिल पिघल जाना साधारण सी बात है मगर उस दिन वाले सीमा के गुस्से से मेरी झांटें फ्यूज थीं इसलिये मैंने गुस्से में सीमा का वो लेटर जला दिया
फिर दूसरे दिन मेरी बहन आयी और उसने सीमा के लेटर का मुझसे जवाब मांगा तो मैंने कुछ भी कहने से मना कर दिया
उसने कहा- ओके वो लेटर मुझे वापस दे दो पता नहीं क्यों उस समय मेरे मुंह से निकल गया कि वो कहीं रख दिया है
ये सुनकर वो चली गयी
बाद में मैंने सोचा कि चलो आरती ना सही सीमा की तो चूत चोदने को मिलेगी
फिर मैंने अपनी चचेरी बहन को बुलाया और उससे कहा कि ठीक है मैं सीमा से दोस्ती करने के लिये राजी हूं
ये सुनकर वो मुस्कुरा कर चली गयी
शाम को मैं अपनी दुकान में बैठा पढ़ रहा था क्योंकि मेरे बोर्ड के एग्जाम चल रहे थे तभी सामने से सीमा आयी और उसने मुझसे घर की जरूरत का कुछ सामान मांगा
मैंने उसे देखते हुये उसे सामान दे दिया मैंने उससे कुछ कहा नहीं क्योंकि मुझे अभी भी कुछ शक था
वो मुस्कुराते हुये सामान लेने के लिये झुकी और मुझे अपने मम्मों दिखाते हुई बोली- क्या बात है आजकल दिख नहीं रहे हो
मैंने भी अपने लंड पर हाथ फेर कर कहा- तुम भी तो मिलने नहीं आ रही हो
इस पर वो हंसने लगी और चली गयी
उसके जाने के बाद मैंने दिमाग को झटका और मैं फिर से पढ़ने लगा
थोड़ी देर बाद मेरी बहन आयी और कहने लगी कि आरती ने तुम्हें पीछे खेत में बुलाया है
मैं खुश हो गया मैंने अपनी बहन से ओके बोल दिया तभी मेरा दोस्त सुरेश आ गया तो मैंने उससे ये बात बताई पर उससे आरती का नाम नहीं बताया
सुरेश ने कहा- साले अकेले अकेले मलाई खा रहा है
मैं हंसने लगा
उसने कहा- चल जा पर जाते समय अपनी दुकान से कंडोम लेकर जाना
मैंने कहा- अबे पहली बार है ऐसे ही डालूंगा
ये कह कर मैं अपने खेत तरफ चला गया और मैं वहां उसका इंतजार करने लगा मैं काफी देर तक खड़ा रहा मगर वो साली आयी ही नहीं इससे मुझे बड़ा गुस्सा आया और मैं जाने लगा
तभी मैंने देखा कि अपने घर के पास वो दोनों खड़ी खड़ी हंस रही थीं
मैंने आरती से डांटते हुये कहा कि मेरे एग्जाम चल रहे हैं और तुम्हें मज़ाक की पड़ी है
वो रोने वाली सी हो गयी
फिर अगले दिन मेरी बहन आयी उसने कहा- रात को 8 बजे उसने तुम्हें बुलाया है
मैंने कहा- मेरे पास टाइम नहीं है
उसने कहा- उसने अपनी कसम दी है तुम जरूर आना
ये सुनकर मैं खुश हो गया कि आज तो कि साली की चूत चोद कर ही रहूंगा मैंने कहा कि ठीक है कहां आना है?
वो कहने लगी कि उसके घर के पास पीछे वाले प्लाट में वो कह कर चली गयी
मैं रात को 8 बजे तैयार हो गया और उसके घर के पास आ गया आज वो समय से आ गयी और मेरे पास खड़ी हो गयी
वो लेट्रिन जाने के बहाने आयी थी तो उसने मुझसे कहा कि क्यों बुलाया है?
मैंने कहा कि मैंने कहां बुलाया है? तुमने ही तो आने के लिये कहलवाया था
इस पर वो कहने लगी- नहीं मैंने बुलाया था मैं जा रही हूं
ये कह कर वो जाने लगी मेरा पहली बार का आमना सामना था तो मुझे झिझक लग रही थी
पर मैंने हिम्मत करके उसे रोका और कहा कि मेरे साथ चल दो मिनट बाद चली जाना
वो कहने लगी- कहा चलूं?
मैंने दीवार की तरफ इशारा करके कहा कि उस तरफ
इस पर वो समझ गयी और हंसने लगी फिर उसने कहा कि चलो
मैंने उसकी कमर पकड़ी और उसे उठाने लगा इस कोशिश में मेरा लंड उसकी गांड में टच होने लगा उसने जैसे ही मेरे लंड को महसूस किया तो उसकी सिसकारियां निकलने लगीं
मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?
वो बोली- तुम्हारा वो गड़ रहा था
मैंने पूछा- क्या?
वो हंस दी और बोली- अब इतने भी भोले ना बनो
मैं उसे दीवार के उस पार किया और मैं भी जल्दी से उसी तरफ कूद गया
मैंने उसे अपनी बांहों में भरा और चूमने लगा वो भी गर्म थी और चुदने के मूड में ही दिख रही थी
मैंने सलवार की तरफ हाथ बढ़ाया और कहा कि नाड़ा खोलो
वो बोली- बड़ी तेज लगी है क्या?
मैंने कहा- तुझे ना लगी हो तो मत खोल
वो हंस दी और मुझे आंख मारते हुये सलवार खोलने लगी तब तक मैं उसके मम्मों को दबाने लगा उसको मज़ा आने लगा था क्योंकि वो कामुक सिसकारियां लेने लगी थी अब तक उसने अपना नाड़ा खोल दिया था और वो सलवार पकड़े खड़ी थी
वो मुझसे कहने लगी- मेरा तो नाड़ा खुलवा दिया अपना कब खोलोगे?
मैंने कहा- मैं क्या खोल दूं?
वो कहने लगी- अपना वो दिखाओ
मैं- क्या दिखाऊं?
मैं उसके मुंह से सुनना चाहता था तो वो अपनी आंखों में वासना भरते हुये धीरे से बोली- अपना लंड निकालो
मैंने भी उसकी चूत में हाथ लगाते हुये कहा- क्या करोगी मेरे लंड से?
वो बोली- साले जिधर हाथ लगा रहा है उधर घुसवाना है
मैंने कहा- मैं किधर हाथ लगा रहा हूं साफ साफ बोल ना
वो बोली- साले सता मत अब जल्दी से मेरी चूत में अपना लंड पेल दे
मैंने हंस कर उसको चूमा और मैं अपना लंड निकालने लगा उसने भी अपनी सलवार उतार कर एक तरफ रख दी थी
मैं वहीं नीचे बैठ गया और उससे कहा- चल आ जा लंड चूस दे मेरा
वो लंड चूसने से मना करने लगी
मैंने फिर से कहा- लंड चूसने में मजा आ जायेगा चूस कर तो देख
इस बार वो मान गयी और मेरा लंड चूसने लगी वो मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी कि मुझे इससे ज्यादा आनंद तो कभी मिला ही नहीं था
मैंने उससे कहा- अब चित लेट जाओ
वो घास पर ही लेटने लगी मैं उसके मम्मों को दबाने लगा और साथ में उसके होंठ चूसने लगा मैं उसके कुरते को उतारने लगा वो मेरी टी-शर्ट उतारने लगी कपड़े उतारते समय हम दोनों किस भी कर रहे थे
मैं धीरे धीरे अपने हाथ को उसके मम्मों से नीचे ले जा रहा था मेरा हाथ जब उसकी चूत पर पहुंच गया तो उसकी सीत्कार निकल गयी
मैंने अपनी दो उंगलियां उसकी चूत में डाल दीं तो उसने कसमसा कर मेरा लंड पकड़ लिया और उसे दबाने लगी उसकी चूत बड़ी गीली थी
फिर मैंने चुदाई की पोजीशन बनाई और उसकी टांगों के बीच में बैठ गया मैंने अपना लंड पकड़ा और उसकी चूत में डालने लगा मेरा लंड आराम से जाने लगा तो मैं समझ गया कि ये मादरचोद खेली खाई लड़की है
अब साली चुदी चुदाई हो या कुंवारी चूत हो अपने को क्या करना था अपने को तो सिर्फ चूत मारने से मतलब था
मैं चूत में लंड से धक्का लगाने लगा तो उसने कहा- आराम से कर जल्दी क्या है?
मैंने कहा- ठीक है ले साली मजा ले तुझे चुदाई का तेरी चुदाई का सोचा था तू आज मिल गयी अब सीमा को भी चोदूंगा
वो मुझसे बोली- साले पहले मुझे तो ठंडा कर दे सीमा की बाद में खोल देना
मैंने कहा- हां तू तो साली खुली खुलाई मिली जब तक खूनाखच्ची ना हो तब तक चुदाई का मजा ही नहीं आता
वो गांड उठाते हुये बोली- तो ठीक है तुम सीमा की में से खून निकाल लेना
मैं उठा उठा कर लंड के धक्के देने लगा मैंने आरती से पूछा- तेरा खून किसने निकाला था?
वो हंस दी और बोली- तेरे दोस्त सुरेश ने
उसका नाम सुनकर मेरी झांटें सुलग गयी मेरी बुआ की चुदाई कर गया और अभी साला खुद ही मुझसे अकेले अकेले मलाई खाने की बात कह रहा था वो तो अच्छा हुआ कि मैंने उसके सामने आरती का नाम नहीं लिया था आरती अपनी गांड उठा उठा कर मेरा साथ देने लगी
5 मिनट बाद ही आरती कहने लगी- आह्ह्ह राज तेज कर और तेज चोद मुझे
मैं तेज रफ्तार से धक्के मारने लगा थोड़ी ही देर में वो अकड़ने लगी और मुझे अपने लंड पर कुछ गीला गीला सा लगने लगा मैं समझ गया कि इसकी मोमबत्ती पिघल गयी है
मैं उसकी चूत में धक्के देता रहा मैंने कम से कम 20 मिनट तक उसको हचक कर चोदा हमारी चुदाई ताबड़तोड़ चली थी इस दौरान वो दो बार झड़ चुकी थी अब मेरा भी काम होने वाला था मैंने धक्के थोड़े तेज लगाने चालू कर दिये
वो समझ गयी और खुद भी गांड उठा कर मजे लेने लगी
मैंने उससे कहा- मैं भी आने वाला हूं
उसने मेरी कमर को अपनी टांगों से कसते हुये कहा- हां आजा मेरे अंदर ही बारिश कर दे
मैंने चोट देते हुये कहा- अगर तुम्हें कुछ हो गया तो?
उसने कहा- तुम दवा मंगवा देना
मैंने हंस कर कहा कि ठीक है
मैं आठ दस तेज धक्के मारता हुआ उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया झड़ने के बाद मैं थोड़ी देर उसके ऊपर पड़ा रहा
फिर मैंने उठते हुये उससे कहा- अब तुम जाओ नहीं तो तुम्हारी मम्मी डांटेगी कि इतनी देर से कहां थी
वह उठ चुकी थी अपने कपड़े पहनते हुये कहने लगी- ठीक है मैं जा रही हूं तुम कल फिर से मिलना
मैंने कहा- क्यों आज मुझसे ज्यादा मज़ा आ गया क्या सुरेश का कमजोर था क्या?
उसने मेरी बात समझते हुये कहा कि हां मैंने सुरेश से बहुत बार चुदवाया है पर उसके साथ तुम्हारे जितना मज़ा कभी नहीं आया आज से मैं तुम्हारी और तुम्हारे लंड की हो गयी जब चाहे चोदने को बुला लेना जब चाहे चोद लेना दौड़ती हुई आ जाउंगी
उसकी इस बात से मुझे बहुत ज्यादा खुशी हुई मैंने कहा कि ठीक है अब जाओ जल्दी साथ ही सीमा की भी दिलाने की बात याद रखना
उसने हंस कर हामी भर दी
उसके बाद मैंने बहुत बार बुआ की चुदाई की अब उसकी शादी हो गयी शादी के बाद जब भी हम दोनों को मौका मिलता हम चुदाई कर लेते मुझे बुआ की चुदाई करने में बहुत मज़ा आता हैं
यह थी मेरी bua ki chudai sex story कैसी लगी आपको और bua sex story पढ़ने के लिये आप punjabi sex story com पर आते रहे
Bua Sex Story :- प्यासी बुआ की चुदाई