Antarvasna Hindi Story Com
(मां बेटे की अन्तर्वासना 7)
आप antarvasna hindi story com ने के पिछले भाग में पढ़ा था हाय रे मेरा बेटा देखो कैसे कुत्ते की तरह से अपनी मां की चूत को चाट रहा है ओह चाट ना ऐसे ही चाट मेरे कुत्ते बेटे अपनी कुतिया मां की चूत को चाट और उसके चूत के अंदर अपने जीभ को हिलाते हुए मुझे अपनी जीभ से चोद डाल अब antarvasna hindi story com में आगे पढ़े
मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि एक तो मां मुझे कुत्ता कह रही है फिर खुद को भी कुतिया कह रही है पर मेरे दिलो दिमाग़ में तो अभी केवल मां की रसीली चूत की चटाई घुसी हुई थी इसलिए मैने इस तरफ से ध्यान नहीं दिया मां की आज्ञा का पालन किया और जैसा उसने बताया था उसी तरह से अपने जीभ से ही उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया
मैं अपनी जीभ को तेज़ी के साथ चूत में से अंदर बाहर कर रहा था और साथ ही साथ चूत में जीभ को घुमाते हुए चूत के गुलाबी छेद से अपने होंठो को मिला के अपने मुंह को चूत पर रगड़ भी रहा था मेरी नाक बार बार चूत के भगनसे से टकरा रही थी और शायद वो भी मां के आनंद का एक कारण बन रही थी
मेरे दोनो हाथ मां के मोटे गुदज जांघों से खेल रहे थे तभी मां ने तेज़ी के साथ अपने चूतडों को हिलाना शुरू कर दिया और जोर जोर से हांफते हुए बोलने लगी ओह निकल जाएगा ऐसे ही चूत में जीभ चलते रहना बेटा ओह सी सी सीईई साली बहुत खुजली करती थी आज निकल दे इसका सारा पानी और अब मां दांत पीस कर लग भर चीखते हुए बोलने लगी
ओह हूऊओ सीईईईईईई साले कुत्ते मेरे प्यारे बेटे मेरे लाल है रे चूस और जोर से चूस अपनी मां के चूत को जीभ से चोद दे अभी सीईईईईई ईईइ छोड़ना नही कुत्ते हरमजाड़े और जोर से चोद साले चोद डाल अपनी मां को निकाल रे मेरा तो निकल गया
ओह मेरे चुदक्कड बेटे ने निकाल दिया रे तूने तो अपनी मां को अपने जीभ से चोद डाला कहते हुए मां ने अपने चूतडों को पहले तो खूब जोर जोर से उपर की तरफ उछाला फिर अपनी आंखों को बंद कर के चूतडों को धीरे धीरे फुदकते हुए झरने लगी ओह गई मैं मेरे राजा मेरा निकल गया मेरे सैय्या हाय
तूने मुझे जन्नत की सैर करवा दी रे है मेरे बेटे ओह ओह मैं गई मां की चूत मेरे मुंह पर खुल बंद हो रही थी चूत के दोनो फांको से रस अब भी रिस रहा था पर मां अब थोड़ी ठंडी पड़ चुकी थी और उसकी आंखे बंद थी उसने दोनो पैर फैला दिए थे और सुस्त सी होकर लंबी लंबी सांसे छोडती हुई लेट गई
मैने अपनी जीभ से चोद चोद कर अपनी मां को झार दिया था मैने चूत पर से अपने मुंह को हटा दिया और अपने सिर को मां की जांघों पर रख कर लेट गया कुछ देर तक ऐसे ही लेटे रहने के बाद मैने जब सिर उठा के देखा तो पाया कि मां अब भी अपने आंखों को बंद किए बेसुध होकर लेटी हुई है
मैं चुपचाप उसके पैरो के बीच से उठा और उसकी बगल में जा कर लेट गया मेरा लंड फिर से खड़ा हो चुका था पर मैने चुपचाप लेटना ही बेहतर समझा और मां की ओर करवट लेट कर मैने अपने सिर को उसके मम्मों से सटा दिया और एक हाथ पेट पर रख कर लेट गया
मैं भी थोड़ी बहुत थकावट महसूस कर रहा था हालांकि लंड पूरा खड़ा था और चोदने की इच्छा बाकी थी मैं अपने हाथो से मां के पेट नाभि और जांघों को सहला रहा था मैं धीरे धीरे ये सारा काम कर रहा था और कोशिश कर रहा था की मां ना जागे मुझे लग रहा था कि अब तो मां सो गई और मुझे शायद मूठ मार कर ही संतोष करना पड़ेगा
इसलिए मैं चाह रहा था कि सोते हुए थोड़ा सा मां के बदन से खेल लूं और फिर मूठ मार लूंगा मुझे मां के जाँघ बड़े अच्छे लगे और मेरे दिल कर रहा था की मैं उन्हे चूमू और चाटूं इसलिए मैं चुप चाप धीरे से उठा और फिर मां के पैरो के पास बैठ गया मां ने अपना एक पैर फैला रखा था और दूसरे पैर को घुटनो के पास से मोड़ कर रखा हुआ था
इस अवस्था में वो बरी खूबसूरत लग रही थी उसके बाल थोड़े बिखरे हुए थे एक हाथ आंखों पर और दूसरा बगल में पैरो के इस तरह से फैले होने से उसकी चूत और गांड दोनो का छेद स्पष्ट रूप से दिख रहा था धीरे धीरे मैने अपने होंठो को उसके जांघों पर फेरने लगा और हल्की हल्की चुम्मिया उसके रानों से शुरू कर के उसके घुटनो तक देने लगा
एकदम मक्खन जैसी गोरी चिकनी जांघों को अपने हाथो से पकर कर हल्के हल्के मसल भी रहा था मेरा ये काम थोड़ी देर तक चलता रहा तभी मां ने अपनी आंखे खोली और मुझे अपने जांघों के पास देख कर वो एकदम से चौंक कर उठ गई और प्यार से मुझे अपने जांघों के पास से उठाते हुए बोली
क्या कर रहा है बेटे जरा आंख लग गई थी देख ना इतने दिनों के बाद इतने अच्छे से पहली बार मैने वासना का आनंद उठाया है इस तरह पिछली बार कब झड़ी थी मुझे तो ये भी याद नहीं इसीलिए सयद संतुष्टि और थकान के कारण आंख लग गई कोई बात नहीं मां तुम सो जाओ
तभी मां की नज़र मेरे 85 इंच के लंड की तरफ गई और वो चौंक के बोली अरे ऐसे कैसे सो जाऊं ? और मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ लिया बोली – मेरे लाल का लंड खड़ा हो के बार बार मुझे पुकार रहा है और मैं सो जाऊं ?
ओह मां इसको तो मैं हाथ से ढीला कर लूंगा तुम सो जाओ
नही मेरे लाल आजा जरा सा मां के पास लेट जा थोरा दम ले लूं फिर तुझे असली चीज़ का मज़ा दूंगी
मैं उठ कर मां के बगल में लेट गया अब हम दोनो मां बेटे एक दूसरे की ओर करवट लेते हुए एक दूसरे से बाते करने लगे मां ने अपना एक पैर उठाया और अपनी मोटी जांघों को मेरे कमर पर डाल दिया फिर एक हाथ से मेरे खड़े लंड को पकड़ के उसके सुपाड़े के साथ धीरे धीरे खेलने लगी
मैं भी मां की एक मम्में को अपने हाथो में पकड़ कर धीरे धीरे सहलाने लगा और अपने होंठो को मां के होंठो के पास ले जा कर एक चुंबन लिया मां ने अपने होंठो को खोल दिया चूमा चाटी ख़तम होने के बाद मां ने पुछा और बेटे कैसा लगा मां की चूत का स्वाद अच्छा लगा या नही?
हां मान बहुत स्वादिष्ट था सच में मज़ा आ गया
अच्छा चलो मेरे बेटे को अच्छा लगा इस से बढ़ कर मेरे लिए कोई बात नही
मां तुम सच में बहुत सुंदर हो तुम्हारे मम्में कितने खूबसूरत है मैं मैं क्या बोलू मां तुम्हारा तो पूरा बदन खूबसूरत है
कितनी बार बोलेगा ये बात तू मेरे से मैं तेरी आंखे नहीं पढ़ सकती क्या जिनमे मेरे लिए इतना पायर छलकता है मैं मां से फिर पूरा चिपक गया उसके मम्में मेरी छाती में चुभ रहे थे और मेरा लंड अब सीधा उसकी चूत पर ठोकर मार रहा था
हम दोनो एक दूसरे की आगोश में कुछ देर तक ऐसे ही खोए रहे फिर मैने अपने आप को अलग किया और मसलते मसलते मेरी नज़र मां के सिकुड़ते – फैलते हुए गांड के छेद पर पड़ी मेरे मन मैं आया कि क्यों ना इसका स्वाद भी चखा जाए देखने से तो मां की गांड वैसे भी काफ़ी खूबसूरत लग रही थी जैसे गुलाब का फूल हो
मैने अपनी लपलपाति हुई जीभ को उसकी गांड की छेद पर लगा दिया और धीरे धीरे उपर ही उपर लपलपते हुए चाटने लगा गांड पर मेरी जीभ का स्पर्श पा कर मां पूरी तरह से हिल उठी
ओह ये क्या कर रहा है ओह बड़ा अच्छा लग रहा है कहा से सीखा ये तू तो बड़ा कलाकार है रे हाय राम देखो कैसे मेरी चूत को चाटने के बाद मेरी गांड को चाट रहा है तुझे मेरी गांड इतनी अच्छी लग रही है कि इसको भी चाट रहा है ओह बेटा सच में गजब का मज़ा आ रहा है चाट ले चाट ले पूरे गांड को चाट ले ओह ओह उम्मममम
मैने पूरे लगन के साथ गांड के छेद पर अपने जीभ को लगा के दोनो हाथो से दोनो चूतडों को पकड़ कर छेद को फैलाया और अपनी नुकीली जीभ को उसमे ठेलने की कोशिश करने लगा मां को मेरे इस काम में बड़ी मस्ती आ रही थी और उसने खुद अपने हाथो को अपने चूतडों पर ले जा कर गांड के छेद को फैला दिया और मुझे जीभ पेलने के लिए उत्साहित करने लगी
हाय रे जालिम पेल दे जीभ को जैसे मेरी चूत में पेला था वैसे ही गांड के छेद में भी पेल दे और पेल के खूब चाट मेरी गांड को हैहाय दैयामै तो मर ही जाउंगी आजखुशी के मारे ओह इतना मज़ा तो कभी नहीं आया था ओह देखो कैसे गांड चाट रहा है सस्स्स्स्स ईईई चाटो बेटा चाटो और जोर से चाटो मांदरचोद असली गांडू है रे तू
मुझे मां की गालियां बहुत प्यारी लग रही थी मैं पूरी लगन से गांड चाट रहा था मैने देखा कि चूत का गुलाबी छेद अपने नशीले रस को टपका रहा है तो मैने अपने होंठो को फिर से चूत के गुलाबी छेद पर लगा दिया और जोर जोर से चूसने लगा जैसे कि कोकोकॉला पी रहा हो
सारे रस को चाट के खाने के बाद मैने चूत के छेद में जीभ को पेल कर अपने होंठो के बीच में चूत के भगनसे को क़ैद कर लिया और खूब जोर जोर से चूसना शुरू कर दी मां के लिए अब बर्दाश्त करना शायद मुश्किल हो रहा था उसने मेरे सिर को अपनी चूत से अलग करते हुए कहा
अब छोड़ बहिनचोद फिर से चूस के ही झार देगा क्या अब तो असली मज़ा लूटने का टाइम आ गया है है बेटा राजा अब चल मैं तुझे जन्नत की सैर कराती हूं अब अपनी मां की चुदाई करने का मज़ा लूट मेरे राजा चल मुझे नीचे उतरने दे साले
मैने मां की चूत पर से मुंह हटा लिया वो जल्दी से नीचे उतर कर लेट गई और अपने पैरो को घुटनो के पास से मोड कर अपनी दोनो जांघों को फैला दिया और अपने दोनो हाथो को अपनी चूत के पास ले जा कर बोली आ जा राजा जल्दी कर अब नहीं रहा जाता जल्दी से अपने मूसल को मेरी ओखली में डाल के कूट दे जल्दी कर बेटा डाल दे अपना लंड अपनी मां की प्यासी चूत में
मैं उसके दोनो जांघों के बीच में आ गया पर मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करू फिर भी मैने अपने खड़े लंड को पकडा और मां के उपर झुकते हुए उसकी चूत से अपने लंड को सटा दिया मां ने लंड के चूत से सटते ही कहा हां अब मार धक्का और घुसा दे अपने घोड़े जैसे लंड को मां की बिल में
मैने धक्का मार दिया पर ये क्या लंड तो फिसल कर चूत के बाहर ही रगड़ खा रहा था मैने दुबारा कोशिश की फिर वही नतीज़ा ढाक के तीन पात फिर लंड फिसल के बाहर इस पर मां ने कहा रुक जा मेरे अनाडी सैय्या मुझे ध्यान रखना चाहिए था तू तो पहली बार चुदाई कर रहा है ना अभी तुझे मैं बताती हूं
फिर अपने दोनो हाथो को चूत पर ले जा कर चूत के दोनो फांको को फैला दिया चूत के अंदर का गुलाबी छेद नज़र आने लगा था चूत एकदम पानी से भीगी हुई लग रही थी चूत चिदोरकर मां बोली ले मैने तेरे लिए अपने चूत को फैला दिया है अब आराम से अपने लंड को ठीक निशाने पर लगा के पेल दे
मैने अपने लंड को ठीक चूत के खुले हुए मुंह पर लगाया और धकका मारा लंड थोड़ा सा अंदर को घुसा पानी लगे होने के कारण लंड का सुपरा अंदर चला गया था मां ने कहा शाबाश ऐसे ही सुपाड़ा चला गया अब पूरा घुसा दे मार धक्का कस के और चोद डाल मेरी चूत को बहुत खुजली मची हुई है
मैने अपनी गांड तक का जोर लगा के धक्का मार दिया पर मेरा लंड में जोर की दर्द की लहर उठी और मैने चीखते हुए झट से लंड को बाहर निकल लिया
मां ने पुछा क्या हुआ चिल्लाता क्यों है
ओह मां लंड में दर्द हो रहा है
मां उठ कर बैठ गई और मेरी तरफ देखते हुई बोली देखूं तो कहां दर्द है
मैने लंड दिखाते हुए कहा देखो ना जैसे ही चूत में घुसाया वैसे ही दर्द करने लगा
मां कुछ देर तक देखती रही फिर हंसने लगी और बोली साले अनाडी चुदक्कड चला है मां को चोदने अबे अभी तक तो तेरे सुपाड़े की चमड़ी ढंग से उलटी ही नहीं है तो दर्द नहीं होगा तो और क्या होगा चला है मां को चोदने चल कोई बात नहीं मुझे इस बात का ध्यान रखना चाहिए था मेरी गलती है
मैने सोच तूने खूब मूठ मारी होगी तो चमड़ी अपने आप उलटने लगी होगी मगर तेरे इस गुलाबी सुपाड़े की शकल देख के ही मुझे समझ जाना चाहिए था की तूने तो अभी तक ढंग से मूठ भी नहीं मारी चल नीचे लेट अब मुझे ही कुछ करना पड़ेगा लगता है
मैने तो अब तक यही सुना था कि लड़का लड़की के उपर चढ़ कर चोदता है मगर जब मां ने मुझे नीचे लेटने के लिए कहा तो मैं सोच में पड़ गया और मां से पुछ नीचे क्यों लेटना है मां क्या अब चुदाई नहीं होगी
मुझे लग रहा था कि मां फिर से मेरा मूठ मार देगी मां ने हँसते हुए कहा नहीं बे चुदाई तो होगी ही जितनी तुझे चोदने की आग लगी है मुझे भी चुदवाने की उतनी ही आग लगी है चुदाई तो होगी ही तुझे तो अभी रात भर मेरी चूत का बाजा बजाना है मेरे राजा तू नीचे लेट अब उल्टी तरफ से चुदाई होगी
उल्टी तरफ से चुदाई होगी इसका क्या मतलब है मां
इसका मतलब है मैं तेरे उपर चढ़ के खुद से चुदवाउंगी
कैसे चुदवाओगी ?
ये तो तू खुद ही थोड़ी देर के बाद देख लियो मगर फिलहाल तू नीचे लेट और अपना लंड खड़ा कर के रख फिर देख मैं कैसे तुझे मज़ा देती हूं
मैं नीचे लेट तो गया पर अब भी मैं सोच रहा था कि मां कैसे करेगी मां ने जब मेरे चेहरे पर हिचकिचाहट के भाव देखे तो वो मेरे गाल पर एक प्यार भरा तमाचा लगते हुए बोली सोच क्या रहा है मांदरचोद? अभी चुप चाप तमाशा देख फिर बताना कि कैसा मज़ा आता है
कह कर मां ने मेरे कमर के दोनो तरफ अपनी दोनो टांगे कर दी और अपनी चूत को ठीक मेरे लंड के सामने ला कर मेरे लंड को एक हाथ से पकड़ा और सुपाड़े को सीधा अपनी चूत के गुलाबी मुंह पर लगा दिया सुपाड़े को चूत के गुलाबी मुंह पर लगा कर वो मेरे लंड को अपने हाथो से आगे पीछे कर के अपनी चूत के दरार पर रगड़ने लगी
उसकी चूत से निकला हुआ पानी मेरे सुपाड़े पर लग रहा था और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था मेरी सांसे उस अगले पल के इंतेज़ार में रुकी हुई थी जब मेरा लंड उसके चूत में घुसता मैं दम साधे इंतेज़ार कर रहा था तभी मां ने अपने चूत के फांक को एक हाथ से फैलाया और मेरे लंड के सुपाड़े को सीधा चूत के गुलाबी मुंह पर लगा कर उपर से हल्का सा जोर लगाया
मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी चूत की फांको बीच समा गया फिर मां ने मेरे छाती पर अपने हाथो को जमाया और उपर से एक हल्का सा धक्का दिया मेरे लंड का थोड़ा सा और भाग उसकी चूत में समा गया उसके बाद मां स्थिर हो गई और इतने से ही लंड को अपनी चूत में घुसा कर आगे पीछे करने लगी
बाकी कहानी अगले भाग में
Antarvasna Kahani in Hindi :- मां बेटे की अन्तर्वासना – 8