रात को मम्मी की चूत में लंड डाला

Indian Incest Stories

(रात को मम्मी की चूत में लंड डाला)

हैलो दोस्तों मैं अपनी indian incest stories लेकर आया हूं मैंने punjabisexstory com पर बहुत सारी indian incest sex stories पढ़ी है इस लिये मैं भी आज अपनी indian incest stories लेकर आया हूं यह बात मेरे बचपन की है हमारे घर पर मेरी मम्मी मेरी दीदी और मैं सब एक साथ रहते थे मेरी उम्र करीब 19 के आस पास थी

मेरी लंबाई 5 फीट 8 इंच की है मेरी दीदी की उम्र 20 साल है उसकी स्पोर्ट्स में रूचि थी और वो स्टेडियम जाती थी मेरी मम्मी टीचर है उसकी उम्र 39-40 की होगी मगर देखने में किसी भी हालत में 32-33 से ज्यादा की नही लगती थी मम्मी और दीदी एकदम गोरे है

मम्मी मोटी तो नही लेकिन भरे शरीर वाली थी और चूतड़ उनके चलने पर हिलते थे उनकी शादी बहुत जल्दी हो गई थी मेरी मम्मी बहुत सुंदर और हंसमुख है वो जिंदगी का हर मज़ा लेने में विश्वास रखती है हालाकि वो सबसे ओपन नहीं होती है

पर मैंने उसे कभी किसी बात पर गुस्सा होते हुये नही देखा ये बात उस समय की जब मैं 10वीं में था और हर चीज के बारे में मेरी इच्छा बढ़ रही थी स्पेशली सेक्स के बारे में मेरे स्कूल के दोस्त अक्सर लड़की पटा कर मस्त रहते थे उन्ही में से दो तीन दोस्तो ने अपने परिवार के साथ सेक्स की बाते भी बताई तो मुझे बड़ा अज़ीब लगा

मैंने मम्मी को कभी उस नज़र से नही देखा था पर इन सब की बातों को सुन सुनकर मेरे मन में भी इच्छा बढ़ने लगी और मै अपनी मम्मी को ध्यान से देखने लगा क्योंकि गर्मियों की छुटियां चल रही थी और मैं हमेशा घर पर ही रहता था घर में मैं मम्मी के साथ ही सोता था और दीदी अपने कमरे में सोती थी

मम्मी मुझे बहुत प्यार करती थी मम्मी दीदी और मैं आपस में थोड़ा खुले हुये थे हालाकि सेक्स करने की कोई बात तो नही हुई थी पर मम्मी कभी किसी चीज का बुरा नही मानती थी और बड़े प्यार से मुझे और दीदी को कोई भी बात समझाती थी

कई बार अक्सर उत्तेजना की वजह से जब मेरा लंड खड़ा हो जाता था और मम्मी की नज़र उस पर पड़ती तो मुझे देख कर धीरे से मुस्कुरा देती और मेरे लंड की तरफ इशारा करके पूछती कोई परेशानी तो नही है मैं कहता नही तो वो कहती कोई बात नही तो मैं भी मुस्कुरा देता

वो खुद कभी कभी हम दोनो के सामने बिना शर्माये एक पैर बेड पर रख कर साड़ी थोड़ा उठा देती और अन्दर हाथ डालकर अपनी चूत खुजलाने लगती नहाते समय या हमारे सामने कपड़े बदलते वक़्त अगर उसका नंगा बदन दिखाई दे रहा हो तो भी कभी भी शरीर को ढकने या छुपाने की ज़्यादा कोशिश नही की

ऐसा नही था की वो जान बुझ कर दिखाने की कोशिश करती हो क्यों की इन सब के बाद भी मैंने उसकी या दीदी की नंगी चूत नही देखी थी बस वो हमेशा हमे नॉर्मल रहने को कहती और खुद भी वैसे ही रहती थी

धीरे धीरे मैं मम्मी के और करीब आने की कोशिश करने लगा और हिम्मत कर के मम्मी से उस वक़्त पास आने की कोशिश करता जब मेरा लंड खड़ा होता मेरा खड़ा लंड कई बार मम्मी के बदन से टच होता पर मम्मी कुछ नही बोलती थी

इसी तरह एक बार मम्मी किचन में काम कर रही थी और मम्मी की हिलते हुये चूतड़ देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया मैंने अपनी किस्मत आज़माने की सोची और भूख लगने का बहाना करते हुये किचन में पहुंच गया और मम्मी से बोला मम्मी भूख लगी है कुछ खाने को दो और ये कहते हुये मम्मी से पीछे से चिपक गया

मेरा लंड उस समय पूरा खड़ा था और मैंने अपनी कमर पूरी तरह मम्मी के चूतड़ों से सटा रखी थी जिसके कारण मेरा लंड मम्मी के चूतड़ों के बीच थोड़ा सा घुस गया था

मम्मी हंसते हुये बोली क्या बात है आज तो मेरे बच्चे को बहुत भूख लगी है हां मम्मी बहुत ज्यादा जल्दी से मुझे कुछ दो और मैंने मम्मी को और ज़ोर से पीछे से पकड़ लिया और उनके पेट पर अपने हाथो को कस कर दबा दिया

कस कर दबाने की वज़ह से मम्मी ने अपने चूतड़ थोड़े पीछे किये जिससे मेरा लंड थोड़ा और मम्मी के चूतड़ों के बीच में घुस गया उत्तेजना की वज़ह से मेरा लंड झटके लेने लगा पर मैं वैसे ही चिपका रहा और मम्मी ने हंसते हुये मेरी तरफ देखा पर बोली कुछ नही

फिर मम्मी ने जल्दी से मेरा खाना लगाया और थाली हाथ में लेकर बरामदे में आ गई मैं भी उसके पीछे पीछे आ गया खाना खाते हुये मैंने देखा तो मम्मी मुझे और मेरे लंड को देख कर धीरे धीरे हंस रही थी

जब मैंने खाना खा लिया तो मम्मी बोली की अब तू जाकर आराम कर मैं काम कर के आती हूं पर मुझे आराम कहा था मैं तो कमरे में आकर आगे का प्लान बनाने लगा की कैसे मम्मी को चोदा जाए क्योंकि आज की घटना के बाद मुझे पूरा विश्वास था की अगर मैं कुछ करता भी हूं तो मम्मी अगर मेरा साथ नही देगी तो भी कम से कम नाराज़ नही होगी

फिर ये ही हरकत मैंने 5-6 बार की और मम्मी कुछ नही बोली तो मेरी हिम्मत बढ़ी एक रात खाना खाने के बाद मैं कमरे में आकर लाइट ऑफ कर के सोने का नाटक करने लगा थोड़ी देर बाद मम्मी आई और मुझे सोता हुआ देख कर थोड़ी देर कमरे में कपड़े और समान ठीक किया और फिर मेरे बगल में आकर सो गई

करीब एक घंटे के बाद जब मुझे विश्वाश हो गया की मम्मी अब सो गई होगी तो मै धीरे से मम्मी के ऊपर सरक गया और धीरे धीरे अपना हाथ मम्मी के चूतड़ों पर रख कर मम्मी को देखा जब मम्मी ने कोई हरकत नही की तो मैं उनके चूतड़ों को सहलाने लगा और उनकी साड़ी के ऊपर से ही दोनो चूतड़ों और गांड को हाथ से धीरे धीरे दबाने लगा

जब उसके बाद भी मम्मी ने कोई हरकत नही की तो मेरी हिम्मत थोड़ी और बढ़ी और मैंने मम्मी की साड़ी को हल्के हल्के ऊपर खींचना शुरु किया ऊपर करते करते जब साड़ी चूतड़ों तक पहुंच गई तो मैंने अपना हाथ मम्मी के चूतड़ों और गांड के ऊपर रख कर थोड़ी देर मम्मी को देखने लगा पर मम्मी ने कोई हरकत नही की

फिर मैं अपना हाथ उनकी गांड के छेद से धीरे धीरे आगे की और करने लगा पर मम्मी की दोनो जांघे आपस में सटी हुई थी जिससे मैं उन्हे खोल नही पा रहा था फिर मैंने अपनी दो उंगलिया आगे की और बड़ाई तो मेरी सास ही रुक गई मेरी उंगलिया मम्मी की चूत के ऊपर पहुंच गई थी

फिर मैंने धीरे धीरे अपनी उंगलियो से मम्मी की चूत सहलाने लगा मम्मी की चूत पर बाल महसूस हो रहे थे क्योंकि मेरे लंड पर भी झांटे थी तो मैं समझ गया की ये मम्मी की झांटे है इतनी हरकत के बाद भी मम्मी कुछ नही कर रही थी तो मैंने धीरे से अपनी पूरी हथेली मम्मी की चूत पर रख दी और चूत के दोनो होंठो को एक एक करके छूने लगा

तभी मुझे महसूस हुआ की मम्मी की चूत से कुछ मुलायम सा चमड़े का टुकड़ा लटक रहा है जब मैंने उसे हल्के से खींचा तो पता चला की वो मम्मी की चूत की पूरी लंबाई के बराबर चूत यानी ऊपर से नीचे तक की लंबाई में बाहर की तरफ निकला हुआ था और जबरदस्त मुलायम था

उस समय मेरा लंड इतना टाइट हो गया था की लगा जैसे फट जाएगा मैं धीरे से उठ कर बैठ गया और अपनी शर्ट उतार कर लंड को मम्मी के चूतड़ों से सटाने की कोशिश करने लगा पर कर नही पाया तो मैं एक हाथ से मम्मी की चूत में उंगली डाल कर बाहर निकले चमड़े को सहलाता रहा और दूसरे हाथ से मुठ मारने लगा

2-3 मिनट में ही मैं झड़ गया पर जब तक मैं अपना वीर्य रोक पाता वो मम्मी के चूतड़ों पर पूरा गिर चुका था ये देख कर मैं बहुत डर गया और चुपचाप शर्ट पहन कर मम्मी को वैसा ही छोड़ कर सो गया

सुबह जब मैं उठा तो देखा कि मम्मी रोज की तरह अपना काम कर रही थी और दीदी हाकी की प्रेक्टीस जो सुबह 6 बजे ही शुरू हो जाती थी जा चुकी थी मैं डरते डरते बाथरूम की तरफ जाने लगा तो मम्मी ने कहा आज चाय नही मांगी तूने तो मैंने बात पलटते हुये कहा की हा पी रहा हूं पेशाब करके आता हूं

जब मैं बाथरूम से वापस आया तो देखा मम्मी बरामदे में बैठी सब्जी काट रही थी और वही पर मेरी चाय रखी हुई थी मैं चुपचाप बैठ कर चाय पीने लगा तो मम्मी मेरी तरफ देख कर हंसते हुये बोली की आज बड़ी देर तक सोता रहा हां मम्मी नींद नही खुली

तो मम्मी बोली एक काम किया कर आज से रात को और जल्दी सो जाया कर ये कह कर वो हंसते हुये किचन में चली गई जब मैंने देखा की मम्मी कल रात के बारे में कुछ भी नही बोली तो मैं खुश हो गया

उस दिन पूरे दिन मैंने कुछ भी नही किया मैंने सोच रखा था की अब मैं रात को ही सब कुछ करूंगा जब तक या तो मम्मी मुझसे चुदाई के लिए तैयार ना हो या मुझे डाट नही देती रात को मैं खाना खाकर जल्दी से रूम में आकर सोने का नाटक करने लगा

थोड़ी देर में मम्मी भी दीदी के साथ आ गई उस दिन मम्मी बहुत जल्दी काम खत्म करके आ गई थी खैर मैं मम्मी के सोने का इंतजार करने लगा थोड़ी ही देर में दीदी के जाने के बाद मम्मी धीरे से बेड पर आकर लेट गई करीब एक घंटे तक लेटे रहने के बाद मैंने धीरे से आंखे खोली और मम्मी की तरफ सरक गया

थोड़ी देर में जब मैंने बरामदे की हल्की रोशनी में मम्मी को देखा तो चौंक गया मम्मी ने आज साड़ी की जगह नाईटी पहन रखी थी और उन्होने अपना एक पैर थोड़ा आगे की तरफ कर रखा था फिर मैंने सोचा की अगर ये किस्मत से हुआ तो अच्छा है और अगर मम्मी जानबूझ कर यह कर रही है तो मम्मी जल्दी ही चुद जाएगी

उस रात मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ी हुई थी थोड़ी देर नाईटी के ऊपर से मम्मी के चूतड़ सहलाने के बाद मैंने धीरे से मम्मी की नाईटी के सामने का बटन खोल दिया और उसे कमर तक पूरा हटा दिया और धीरे से मम्मी के चूतड़ों को सहलाने लगा मैं जांघो को भी सहला रहा था

मम्मी के चूतड़ और जांघे इतने मुलायम थे की मैं विश्वास नही कर पा रहा था फिर मैंने अपना हाथ उनकी जांघो के बीच डाला तो मैं हैरान रह गया मम्मी की चूत एकदम चिकनी थी उनकी चूत पर बाल का नामो निशान नही था

उनकी चूत बहुत फूली हुई थी और चूत के दोनो होंठ फैले हुये थे शायद एक जांघ आगे करने के कारण उनकी चूत से निकला हुआ मास लटक रहा था मेरे कई दोस्तों ने उसके बारे में बताया था की उनके घर की औरतों की चूत से भी ये निकलता है और उन्हे इस पर बड़ा नाज़ होता है

मैं तो उत्तेजना की वज़ह से पागल हो रहा था मैंने लेटे लेटे ही अपना शर्ट निकाल दिया और मम्मी की तरफ थोड़ा और सरक गया जिससे मेरा लंड मम्मी के चूतड़ों से टच करने लगा थोड़ी देर तक चुप रहने के बाद जब मैंने देखा की मम्मी कोई हरकत नही कर रही है तो मेरी हिम्मत और बढ़ी

मैं लेटे लेटे ही मम्मी की चूत को सहलाने का पूरा मज़ा लेने लगा थोड़ी ही देर में मुझे लगा की मम्मी की चूत से कुछ चिकना चिकना पानी निकल रहा है क्या खुशबू थी उसकी मेरा लंड फूल कर फटने की स्थिति में हो गया

मैं अपना लंड मम्मी के चूतड़ों गांड के छेद उनकी जांघो पर धीरे धीरे रगड़ने लगा तभी मुझे एक आईडिया आया की क्यों ना आज थोड़ा और बढ़ कर मम्मी की चूत से अपना लंड टच करूं जब मैंने अपनी कमर को आगे खिसका कर मम्मी की जांघो से सटाया तो लगा जैसे करंट फैल गया हो मुझे झड़ने का जबरदस्त मन कर रहा था

पर मैंने सोचा की एक बार मम्मी की चूत में लंड डाल कर उनकी चूत के पानी से चिकना कर लूंगा और फिर बाहर निकाल कर मुठ मार लूंगा ये सोच कर मैंने अपनी कमर को थोड़ा ऊपर उठाया और अपना लंड मम्मी की चूत से लटके मास को उंगलियों से फैलाते हुये उनके छेद पर रखा

तो मम्मी की चूत से निकलता हुआ चिकना पानी मेरे सुपाड़े पर लिपट गया और थोड़ी कोशिश करने पर मेरा सुपाड़ा मम्मी की चूत के छेड़ में घुस गया जैसे ही सुपाड़ा अंदर गया उफ्फ मम्मी की चूत की गर्मी मुझे महसूस हुई और जब तक मैं अपना लंड बाहर निकालता

मेरे लंड से वीर्य का फव्वारा मम्मी की चूत में पिचकारी की तरह निकलने लगा मैं घबरा तो गया पर ज्यादा हिलने से डर रहा था की कहीं मम्मी जाग ना जाये

जब तक मैं धीरे से अपना लंड मम्मी की चूत से निकालता तब तक मेरे लंड का पानी मम्मी की चूत में पूरा खाली हो चूका था और लंड निकलते वक़्त वीर्य की धारा मम्मी की गांड के छेद पर बहने लगी मुझे लगा अब तो मैं पक्का पीटूंगा और डर के मारे जल्दी से शर्ट पहन कर सो गया

मुझे नींद नही आ रही थी पर मैं कब सो गया पता ही नही चला अगले दिन उठा तो देखा की हमेशा की तरह मम्मी सफाई कर रही थी पर दीदी स्टेडियम नही गई थी मुझे देखते ही मम्मी ने दीदी से कहा रशमी जा चाय गर्म करके भाई को देदे और मुझे प्यार से वहीं बैठने के लिए कहा

मैंने चोरी से मम्मी की तरफ देखा तो मम्मी मुझे देख कर पूछी आज नींद कैसी आई मैंने कहा की अच्छी तो मम्मी हसने लगी और मेरी पैंट की ऊपर देखकर बोली की अब तू रात में सोते समय थोड़े ढीले कपड़े पहना कर अब तू बड़ा हो रहा है देख मैं और रशमी भी ढीले कपड़े पहन कर सोते है

मैं यह सुन कर बड़ा खुश हुआ की मम्मी ने मुझे डाटा नही उस दिन मुझे पूरा विश्वास हो गया था की अब मम्मी मुझे रात में पूरे मज़े लेने से मना नही करेगी भले ही दिन में चुदाई के बारे में खुल कर कोई बात ना करे

अब तो मैं बस रात का ही इंतजार करता था खैर उस रात फिर जब मैं सोने के लिए कमरे में गया तो मुझे मम्मी की ढीले कपड़े पहनने वाली बात याद आई पर मेरे पास कोई बड़ी शर्ट नही थी

फिर मैंने अलमारी में से एक पुरानी लूंगी निकाली और अंडरवेयर उतार कर पहन लिया और सोने का नाटक करने लगा तभी मेरे मन में मम्मी की सुबह वाली बात चेक करने का विचार आया और मैंने अपनी लूंगी का सामने वाला हिस्सा थोड़ा खोल दिया

जिस से मेरा लंड खड़ा होकर बाहर निकल गया और अपने हाथो को अपनी आंखों पर इस तरह रखा की मुझे मम्मी दिखाई दे थोड़ी ही देर में मम्मी कमरे में आई और नाईटी पहन कर बेड पर आने और लाइट ऑफ करने के लिए मूडी और मेरे लंड को देखते ही रुक गई

थोड़ी देर वैसे ही मेरे लंड को जो की पूरे 6 इंच लंबा और 1.5 इंच मोटा था देखती रही फिर पता नही क्यों उसने लाईट बंद करके नाईट बल्ब जला दिया और बेड पर लेट गई वो मेरे लंड को बड़े प्यार से देख रही थी पर मेरे लंड को उसने छुआ नही

फिर दूसरी तरफ करवट बदल कर एक पैर को कल की तरह आगे फैला कर लेट गई मुझे पक्का विस्वाश था की आज मम्मी जानबूझ कर नाईट बल्ब ऑन किया है ताकि मैं कुछ और हरकत करू

आधे एक घंटे के बाद जब मैं मम्मी के ऊपर सरका तो लूंगी की गांठ रगड़ से अपने आप ही खुल गई और मैं नंगे ही अपने खड़े लंड को लेकर मम्मी की तरफ सरक गया और नाईटी खोल कर कमर तक हटा दिया उस रात मैंने पहली बार मम्मी के चूतड़ गांड और चूत को देख रहा था

मेरी खुशी का ठिकाना नही था मैं झुक कर मम्मी की जांघों और चूतड़ों के पास अपना चेहरा ले जाकर चूत को देखने की कोशिश करने लगा मुझे अपनी आंखों पर विश्वास नही हो रहा था की कोई चीज इतनी मुलायम चिकनी और सुन्दर हो सकती है

मम्मी की चूत से बहुत अच्छी भीनी भीनी खुशबू आ रही थी मैं एकदम मदहोश होता जा रहा था पता नही कैसे मैं अपने आप ही मम्मी की चूत को नाक से सटा कर सूंघने लगा चूत से निकले हुये मास के दोनो पत्ते किसी गुलाब की पंखुड़ी से लग रहे थे

मम्मी की चूत का छेद थोड़ा लाल था और गांड का छेद काफी टाइट दिख रहा था पर सब मिला कर उनके पूरे चूतड़ और जांघे बहुत मुलायम थी मैं उसी तरह कुछ देर सूंघने के बाद मम्मी के चूत के दोनो पत्तो को मुंह में भर लिया और चूसने लगा उनकी चूत से बेहद चिकना लेकिन नमकीन पानी निकलने लगा

मैं भी आज चुदाई के मज़े लेना चाहता था फिर मैंने मम्मी की चूत से निकलते हुये पानी को अपने सुपाड़े पर लपेटा और धीरे से मम्मी की चूत में डालने की कोशिश करने लगा पर पता नही कैसे आज मेरा लंड बड़ी आसानी से मम्मी की चूत के छेद में घुस गया

मैं वैसे ही थोड़ी देर रुका रहा फिर मैंने लंड को अंदर डालना शुरू किया दो तीन प्रयासो में मेरा लंड मम्मी की चूत में घुस गया आह्ह क्या मज़ा आ रहा था मम्मी की चूत काफी गर्म थी और मेरे लंड को चारो और से जकड़े हुये थी

थोड़ी देर उसी तरह रहने के बाद मैंने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया आह्ह जन्नत का मज़ा मिल रहा था 4-5 मिनट अंदर बाहर करते ही मुझे लगा की मैं झड़ने वाला हूं तो मैंने अपनी स्पीड और तेज़ कर दी और अपना वीर्य मम्मी की चूत में डाल दिया और अपना लंड बाहर निकाल कर अपनी लुंगी पहन कर सो गया

अब मैं मम्मी के साथ ऐसे ही सेक्स करने लगा था ना मामी मुझे कुछ बोलती थी ना मैं मम्मी को कुछ बोलता था हमारा रिश्ता रात को ऐसे ही चलता रहा हम दोनों ऐसे ही चुदाई का मजा लेते थे

यह भी मेरी indian incest stories कैसी लगी आपको और indian incest sex stories पढ़ने के लिये आप punjabisexstory com पर आते रहे यहां पर आपको बहुत सारी नई नई hindi sex story mom पढ़ने को मिलेगी 

Hindi Sex Story Mom :- अम्मी की सील तोड़ी

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